विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर अभद्र टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण, हिमाचल CM का समर्थन निंदनीय: प्रोफेसर सिकंदर कुमार
अक्स न्यूज लाइन नई दिल्ली / शिमला:23 मई, 2026
लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखते हुए विपक्ष द्वारा देश के माननीय प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी इस अमर्यादित आचरण का विरोध करने के बजाय इसका खुला समर्थन किया है।सांसद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने इसे राजनीति के गिरते स्तर और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ इस्तेमाल किए गए इन 'बेहूदा' शब्दों कड़े शब्दों में निंदा की है।उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री किसी दल विशेष के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की संप्रभुता और गरिमा के प्रतीक होते हैं। विपक्ष द्वारा राजनीतिक द्वेष में आकर इस तरह की भाषा का प्रयोग करना यह दर्शाता है कि उनके पास रचनात्मक मुद्दों की कमी है।
"प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए ऐसे शब्दों का चयन न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह हमारे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं पर एक गहरा आघात है।" इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चिंताजनक पहलू हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का रुख रहा। एक राज्य के मुख्यमंत्री से उम्मीद की जाती है कि वह संघवाद और राजनीतिक शुचिता का सम्मान करेंगे। लेकिन अभद्र भाषा को उनका मौन या प्रत्यक्ष समर्थन देना बेहद निराशाजनक और निंदनीय है।
प्रोफेसर कुमार ने कहा कि देश के शीर्ष नेताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग देश की छवि को वैश्विक मंच पर धूमिल करता है।और इस तरह की बयानबाजी विपक्ष की वैचारिक कंगाली और हताशा को दर्शाती है।
देवभूमि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ऐसी अभद्र टिप्पणी का समर्थन करना वहां की संस्कृति और राजनीतिक मर्यादा के सर्वथा खिलाफ है उन्होंने ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में मतभेद और विरोध का स्वागत है, लेकिन विरोध की आड़ में 'बेहूदा' और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता। देश की जनता ऐसे आचरण को देख रही है और आने वाले समय में इसका करारा जवाब देगी। सभी प्रबुद्ध नागरिकों और राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस कृत्य की पुरजोर निंदा करनी चाहिए।









