पीएम मोदी के बयान से देश में वित्तीय एमरजेंसी जैसे हालात के संकेत : कुलदीप राठौर
अक्स न्यूज लाइन शिमला 12 मई :
Indian National Congress के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं विधायक Kuldeep Singh Rathore ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उनके बयान से देश में वित्तीय एमरजेंसी जैसे हालात के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से देश की आर्थिक स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।कुलदीप राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्राएं कम करने, पेट्रोल-डीजल का सीमित उपयोग करने और खर्चों में कटौती की अपील के बाद देशभर में असुरक्षा और चिंता का माहौल पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इस बयान से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था गंभीर दबाव में है।
प्रधानमंत्री के बयान से बाजारों में बढ़ी चिंता
राठौर ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद सोना-चांदी कारोबार से जुड़े व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है और बाजारों में सुस्ती का माहौल बन गया है। इसके अलावा टूर एंड ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों में भी अनिश्चितता देखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश पहले ही महंगाई और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार राज्यों के चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री ने ऐसी किसी भी स्थिति से इनकार किया था, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद अब हालात अलग दिखाई दे रहे हैं।
कमर्शियल गैस महंगी होने से बढ़ा बोझ
कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ा दिए गए, जिसका सीधा असर होटल, ढाबों और खाने-पीने के कारोबार पर पड़ा है। इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि Rahul Gandhi पहले ही इस प्रकार की आर्थिक स्थिति की आशंका जता चुके थे, लेकिन केंद्र सरकार ने समय रहते इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया।
विदेश नीति को बताया जिम्मेदार
कुलदीप राठौर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति भी जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा था, लेकिन अमेरिका के दबाव में सरकार ने उस नीति में बदलाव किया, जिसके कारण अब देश को महंगा कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है।
पहले सरकार अपनी फिजूलखर्ची रोके
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को आम जनता से अपील करने से पहले केंद्र सरकार के अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाना चाहिए। मंत्रियों और अधिकारियों के विदेशी दौरों तथा सरकारी फिजूलखर्ची को कम करने की जरूरत है।
राठौर ने कहा कि यदि देश की आर्थिक स्थिति वास्तव में चिंताजनक है तो प्रधानमंत्री को देश के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार पहले अपने मंत्रिमंडल और सरकारी तंत्र में खर्चों में कटौती लागू करे, उसके बाद जनता से त्याग की अपील करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने बयान पर पुनर्विचार करना चाहिए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।



