अक्स न्यूज लाइन शिमला 17 मार्च :
भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा ने सतलुज से शिमला शहर तक पानी लाने की परियोजना को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह योजना पूरी तरह से भाजपा सरकार की सोच, विजन और दूरदर्शिता का परिणाम है, जबकि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।
कर्ण नंदा ने कहा कि वर्ष 2018 में शिमला में गंभीर जल संकट पैदा हुआ था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए। उसी के तहत अप्रैल 2019 में शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (SJPNL) का गठन किया गया ताकि शहर में जल और सीवरेज व्यवस्था को व्यवस्थित और मजबूत किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके बाद भाजपा सरकार ने अगस्त 2021 में लगभग ₹1813 करोड़ की सतलुज पेयजल योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य शिमला शहर को 24 घंटे पेयजल उपलब्ध कराना था। इस योजना के तहत सतलुज नदी के शक्रोली (सुन्नी के पास) क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 67 मिलियन लीटर पानी (MLD) उठाकर पंपिंग के माध्यम से शिमला के संजौली जलाशय तक पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।
कर्ण नंदा ने कहा कि इस योजना के तहत लगभग 23 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर सतलुज का पानी शिमला तक लाने का कार्य शुरू किया गया था, ताकि शहर में लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह पूरी योजना भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई और उसी समय इसका ढांचा तैयार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार केवल इस योजना का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, जबकि योजना की परिकल्पना, स्वीकृति और वित्तीय व्यवस्था भाजपा सरकार के समय ही की गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का काम केवल पहले से चल रही परियोजनाओं पर अपना नाम चिपकाने का रह गया है।
भाजपा मीडिया संयोजक ने कहा कि शिमला जैसे पर्यटन और ऐतिहासिक शहर के लिए 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करना भाजपा सरकार की प्राथमिकता थी और उसी सोच के तहत यह महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की गई थी।
कर्ण नंदा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को श्रेय लेने के बजाय यह बताना चाहिए कि परियोजना की लागत 421 करोड़ से बढ़कर लगभग 500 करोड़ रुपये क्यों पहुंच गई और पाइपलाइन बिछाने का कार्य धीमी गति से क्यों चल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता यह भी जानना चाहती है कि परियोजना में हो रही देरी के लिए कौन जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने हिमाचल के विकास के लिए कई दूरदर्शी योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन कांग्रेस सरकार उनका सही क्रियान्वयन करने में भी असफल साबित हो रही है। कर्ण नंदा ने कहा कि भाजपा जनता को सच्चाई से अवगत कराती रहेगी और कांग्रेस सरकार की श्रेय लेने की राजनीति को उजागर करती