नाहन: जाइका के सहयोग से "जोक से राजौली पनेवटा" प्रवाह सिंचाई योजना आरंभ...
अक्स न्यूज लाइन नाहन 20 मार्च :
जाइका (JICA) फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के तहत "जोक से राजौली पनेवटा" प्रवाह सिंचाई योजना को क्षेत्र के किसानों को समर्पित कर दिया गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा संचालित फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (चरण-2) के अंतर्गत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई, नाहन द्वारा इस योजना का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया।
जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि सिंचाई योजना के माध्यम से 12.91 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना से पूर्व किसान लगभग 5 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सब्जी उत्पादन कर पा रहे थे, जबकि अब कूहल के निर्माण के पश्चात पूरे 12.91 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती संभव हो सकेगी।
उन्होंने ने कहा कि इस परियोजना से लगभग 100 किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।
परियोजना के अंतर्गत 2.3 किलोमीटर मुख्य नहर, 700 मीटर शाखा नहर, 300 मीटर एचडीपीई पाइप, 9 आर/एल रिटेनिंग वॉल, 7 निरीक्षण कक्ष (Inspection Chambers) तथा सोलर फेंसिंग (चरण-1: 467 मीटर, चरण 2: 605 मीटर) का निर्माण लगभग 45 लाख रुपये की लागत से किया गया है।
ठाकुर ने कहा कि कूहल के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम कूहल समिति "महासू कृषक विकास एसोसिएशन" को सौंपी गई है, जिससे योजना का दीर्घकालीन एवं सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
इस अवसर पर महासू कृषक विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राजेंद्र शर्मा, सचिव श्री राजेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी किसान उपस्थित रहे।
किसानों ने जाइका परियोजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि पूर्व में कूहल की जर्जर स्थिति के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था, परंतु अब योजना के पूर्ण होने से सिंचाई व्यवस्था सुचारू हो गई है, जिससे खेती का रकबा बढ़ा है और किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं सुदृढ़ हुई हैं।
कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. राजेंद्र सिंह ठाकुर, खंड परियोजना प्रबंधक डॉ. पवन, पीएमसी विशेषज्ञ अश्विनी भारद्वाज (हमीरपुर), कृषि विशेषज्ञ, अभियंता एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।





