नाहन : विधायक के 'अशोभनीय' बयान पर भड़का पंप ऑपरेटर जिला महासंघ सिरमौर, आंदोलन की दी चेतावनी
अक्स न्यूज लाइन नाहन 31 मार्च :
जल शक्ति विभाग के आईटीआई (ITI) प्रशिक्षित पंप ऑपरेटर जिला महासंघ सिरमौर ने विधानसभा में ऊना के एक माननीय विधायक द्वारा पंप ऑपरेटर वर्ग के खिलाफ की गई 'गैर-जिम्मेदाराना' टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है। जिला महासंघ सिरमौर ने विधायक के इस व्यवहार को कर्मचारी विरोधी और अपमानजनक करार दिया है।
जिला महासंघ सिरमौर ने आज यहाँ एक प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि पंप ऑपरेटर विभाग की वह 'रीढ़ की हड्डी' हैं, जिनके कठिन परिश्रम से आम जनता ही नहीं बल्कि खुद माननीयों के घरों तक पानी पहुँचता है। महासंघ ने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि जनसेवा का दम भरने वाले नेता सिर्फ एक रात किसी दुर्गम पंप हाउस में अकेले गुजार कर दिखाएं, तो उन्हें जमीनी हकीकत का अहसास होगा।
जिला महासंघ सिरमौर द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:
दोहरी मार झेल रहा है कर्मचारी: आईटीआई डिप्लोमा धारक होने के बावजूद यह वर्ग 25-25 वर्षों तक एक ही पद पर सेवाएं देकर उसी पद से रिटायर हो जाता है। 2012 से चली आ रही वेतन विसंगति के बावजूद यह वर्ग पूरी ईमानदारी से डटा हुआ है।
अत्यंत कठिन कार्य स्थितियां: प्रदेश के अधिकांश पंप हाउस सड़कों से कोसों दूर, खड्डों, नालों और यहाँ तक कि श्मशान घाटों के समीप बने हैं। वहाँ हमारे ऑपरेटर भाई जान जोखिम में डालकर दिन-रात अकेले ड्यूटी देते हैं।
शहादत और सेवा का अपमान: ड्यूटी के दौरान करंट लगने से कई ऑपरेटरों ने अपनी जान गंवाई है। कोरोना काल में जब सब घरों में कैद थे, तब भी ये कर्मचारी जान हथेली पर रखकर पानी की सप्लाई सुनिश्चित कर रहे थे। ऐसे कर्मवीरों के प्रति अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना अत्यंत निंदनीय है।
श्रेणी का भ्रम दूर करें विधायक: जिला महासंघ सिरमौर ने स्पष्ट किया कि पंप ऑपरेटर क्लास-3 (श्रेणी-3) में आते हैं, न कि क्लास-4 में। विधायक महोदय को यह समझ लेना चाहिए कि पंप हाउस में घास काटना उनका काम नहीं है।
अंतिम चेतावनी:
जिला महासंघ सिरमौर ने कड़े लहजे में कहा कि यदि विधायक महोदय ने अपने शब्द वापस नहीं लिए और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो प्रदेश का समस्त पंप ऑपरेटर वर्ग सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।





