मिनी आंगनवाड़ी को 9 माह से वेतन नहीं , मिड डे मील वर्करज को भी नहीं मिला अप्रैल माह से बढ़ा मानदेय

मिनी आंगनवाड़ी को 9 माह  से वेतन नहीं , मिड डे  मील वर्करज को भी नहीं मिला  अप्रैल माह से बढ़ा मानदेय
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अक्स न्यूज लाइन नाहन , 27 अक्तूबर :
सीटू जिला कमेटी जिला सिरमौर की बैठक इंदिरा तोमर की अध्यक्षता में नाहन  में सम्पन्न हुई।  बैठक में   सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा की   कि केंद्र की मोदी सरकार की मजदूर, किसान, कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ सीटू लगातार संघर्ष  कर रही है 
सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार व सीटू जिला कमेटी सदस्य इंदिरा तोमर ने   कहा कि मजदूरों का न्यूनतम वेतन 26 हज़ार रुपये घोषित करने की मांग  काफी लम्बे समय से केंदर और प्रदेश सरकारों से की जाती  रही है , सीटू जिला महसचिव आशीष कुमार और इंदु तोमर ने कहा की  आज प्रदेश में मिनी आंगनवाड़ी वर्करज का शोषण किया जा रहा है ,पिछले 9 महीनों से इन कार्यकर्ताओ का वेतन नहीं मिल रहा है और न हि 1 महीने से अन्य वर्करज को केंद्र से मिलने वाला हिस्सा पिछले एक महीने से आया है जोकि इन कर्मियों के साथ सरासर अन्याय है ।

आज मिनी आंगनवाड़ी वर्करज के रोजगार पर तलवार लटकी है परन्तु प्रदेश की सुखु सरकार इनकी समस्यों पर ध्यान नहीं दे रही है । इसके अतिरिक्त मिड डे  मील वर्करज को अप्रैल से बड़ा हुआ मानदेय आज तक नहीं मिला , सीटू जिला कमेटी ने माँग  की है  मिड  डे  मील वर्करज को भी अप्रैल माह से आज तक बड़ा हुआ  वेतन एरियर सहित भुगतान किया जाए वरना  आंदोलन किया जायेगा।

सीटू जिला कमेटी में चर्चा की कि और मांग की कि  ठेका मजदूरों की रोज़गार सुरक्षा सुनिश्चित करे, उन्हें नियमित कर्मियों के बराबर वेतन देने और आउटसोर्स  कर्मियों के लिए स्थाई नीति की माँग  पर भी चर्चा की  सीटू  जिला कमेटी  आंगनबाड़ी,  मिड डे मील कर्मियों को नियमित करने, उन्हें न्यूनतम वेतन देने व उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने, मनरेगा व निर्माण मजदूरों के श्रमिक कल्याण  बोर्ड से आर्थिक लाभ व पंजीकरण सुविधा बहाल करने, एसटीपी मजदूरों के लिए शेडयूल एम्प्लॉयमेंट घोषित करने, आउटसोर्स व अस्पताल कर्मियों के लिए नीति बनाने, औद्योगिक मजदूरों को 40 प्रतिशत अधिक वेतन देने, तयबजारी को उजाड़ने के खिलाफ, काम के घण्टे 8 से बढ़ाकर 12 घण्टे करने पर भी चर्चा की और अपना रोष  प्रकट किया।  सीटू ने कहा की  शहरी क्षेत्रों में विस्तार के साथ ही मनरेगा में 600 रुपये प्रति दिन की मजदूरी पर 200 दिन कार्य दिवस प्रदान करने, मनरेगा, निर्माण  मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण व आर्थिक लाभ बहाल करने की माँग  की।

सीटू ने सभी मजदूरों से साम्प्रदीयकता के खिलाफ लड़ने और इसे सरकार का मुख्य मुद्दे से जनता  का ध्यान भटकाने की सराकर की साजिश करार दिया है , आशीष कुमार ने कहा  की आज जो समुदाय विशेष पर रोजगार छीनने का आरोप सरकार और रेहड़ी फड़ी वालों को उठाने का बहाना  बनाया जा रहा है परन्तु सच्चाई इसके विपरीत है , आज छोटे दुकानदारों को नुक्सान घर घर सामान बेचने वाले से नहीं बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग,अमाजोन , फिल्प कार्ट,  स्नेपडील  आदि देशी और विदेशी पूंजीपति घरानों से हो रहा , इसलिए हमको आपसी भाईचारा बरकरार रखते हुए असली दुश्मनों से लड़ना है। सीटू ज़िला कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया   मजदूर व मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने की आहवाहन करेगी।  सीटू ने मांग की  सभी कर्मियों को   न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह और , आउटसोर्स कर्मियीं की स्थाई नीति बनाई जाए। सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा की मोदी सरकार और प्रदेश की सुखु सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का पर्दाफाश किया जाएगा। बैठक में इंदु तोमर, माया,  मिड डे  मील नाहन  ब्लॉक के अध्यक्ष  संदीप,   , बाला राम, ,सीता तोमर , शीला, ,प्रोजेक्ट शिलाई अध्यक्षा  शामा,  अनिता,प्रोमिला, बसंती  ,किरण आदि अलग अलग यूनियनों  के पदाधिकारी शामिल रहे ।