विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम–2026 (द्वितीय चरण) का शुभारंभ
अक्स न्यूज लाइन केलांग, 16 जून :
रेकांग पियो, किन्नौर | माई भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार माई भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के सहयोग से आयोजित विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम–2026 के द्वितीय चरण (Phase-II) का शुभारंभ आज आईटीबीपी बेस कैंप, रेकांग पियो में उत्साह एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल एग्जामिनेशन) से हुई, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी प्रतिभागी आगामी गतिविधियों में सुरक्षित एवं सक्रिय रूप से भाग ले सकें। इसके उपरांत उद्घाटन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ सहायक आयुक्त श्री विपिन ठाकुर, आईटीबीपी 17वीं बटालियन के उप सेनानायक (डिप्टी कमांडेंट) श्री वीरेंद्र सिंह, एलडीएम किन्नौर श्री रोहित सांगवान, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) किन्नौर के प्रधानाचार्य श्री अरविंदर कुमार, जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शशि कांता कुमारी तथा केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संजीव राणा भी उपस्थित रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय, आईटीआई किन्नौर तथा केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां दी गईं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय विद्यालय एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा मधुर गीत प्रस्तुत किए गए। विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के प्रतिभागियों ने भी अपनी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को विशेष रंग प्रदान किया।
अपने संबोधन में अतिथियों ने सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास, युवाओं की सहभागिता तथा विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण समुदायों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को सीमावर्ती गांवों में जाकर स्थानीय समुदायों के साथ संवाद स्थापित करने, उनकी संस्कृति को समझने तथा विकास संबंधी गतिविधियों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में जिला युवा अधिकारी, किन्नौर श्री शुभम द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात प्रतिभागियों को उनके निर्धारित सीमावर्ती गांवों के लिए रवाना किया गया, जहां वे कार्यक्रम के द्वितीय चरण के अंतर्गत विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल, स्वच्छता, जनजागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता आधारित गतिविधियों का संचालन करेंगे।
विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम–2026 (द्वितीय चरण) का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण करना, सामुदायिक विकास को प्रोत्साहित करना तथा “विकसित भारत” के संकल्प को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है









