जिला सड़क सुरक्षा समिति किन्नौर की मासिक बैठक आयोजित
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां शीघ्र सुधारात्मक कार्य किए जाएं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग तथा परिवहन विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय उच्च मार्गों की स्थिति की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण तथा ग्रेफ के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सड़कों पर गति नियंत्रण, तीखे मोड़, ढलान एवं अन्य आवश्यक सूचनाओं से संबंधित संकेतक उचित स्थानों पर स्थापित किए जाएं, ताकि वाहन चालकों को समय रहते सचेत किया जा सके।
प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना पर विशेष चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जानकारी दी गई कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तिथि से 07 दिनों दिनों तक सूचीबद्ध अस्पतालों में ₹1.5 लाख तक का निःशुल्क उपचार प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही ‘स्वर्णिम समय’ के दौरान बिना किसी प्रारंभिक भुगतान के तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे दुर्घटना के बाद गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों की जान बचाने में सहायता मिलेगी।
बैठक में सड़क संकेतक, रिफ्लेक्टर, क्रैश बैरियर की स्थापना, सड़क मरम्मत एवं रख-रखाव तथा यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने तथा नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें तथा सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक जाएगा । इस अवसर पर कार्यकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी पूह घनश्याम दास, उपमंडलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान, पुलिस उप अधीक्षक राजकुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग एल. के. जरयाल, क्षेत्रीय प्रबन्धक अतुल गुप्ता, प्रधानाचार्य डाइट कुलदीप नेगी व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








