अक्स न्यूज लाइन ऊना, 24 फरवरी :
कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि वित्तीय दबावों और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों के बावजूद सरकार ने विकास कार्यों की गति को रुकने नहीं दिया और अपने संसाधनों से जनहित की योजनाओं को जारी रखा है।
वे मंगलवार को ग्राम पंचायत बटूही में आयोजित “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर बटूही के अलावा लोअर बसाल, पनोह, त्यूड़ी और बदोली पंचायतों से संबंधित लगभग 50 जनसमस्याओं की सुनवाई की गई। विधायक ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया, जबकि शेष मामलों को एक सप्ताह के भीतर निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने हनान मंदिर बटूही कंप्रेसर में भवन एवं शैड निर्माण केमलियेव8 लाख रुपये देने की घोषणा की।
अधिकांश शिकायतें जलभराव, राजस्व मामलों, बिजली और पेयजल से संबंधित रहीं। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है और ऐसे कार्यक्रमों से शासन-प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंच रहा है, जिससे विकास को गति मिली है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक विभिन्न कार्यक्रमों के तहत ऊना विकास खंड के अंतर्गत पंचायतों के लिए लगभग 80 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इसमें विधायक क्षेत्र विकास निधि से 27.20 लाख रुपये, सामाजिक विकास कार्यक्रम के तहत लगभग 13.50 लाख रुपये तथा आपदा प्रभावितों को करीब 21 लाख रुपये की राहत राशि शामिल है। उन्होंने कहा कि उनकी विधायकी के दौरान बदोली ग्राम पंचायत को विभिन्न योजनाओं के तहत विकास कार्यों के लिए 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
*केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला*
विधायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के बाद राज्य को केंद्र सरकार से अपेक्षित आर्थिक सहायता समय पर प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से राहत कार्य संचालित कर प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान की। उन्होंने बताया कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्तियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों की कार्रवाई रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाए।
विधायक ने लाभार्थियों से भी आग्रह किया कि समस्या के पूर्ण समाधान तक प्रशासन के संपर्क में बने रहें।
*अनेक समस्याएं मौके पर निपटीं, सोमदत्त की 30 साल से लंबित तकसीम 30 दिन में होगी पूरी*
‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आमजन की अनेक समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
पनोह गांव के 80 वर्षीय बुजुर्ग सोमदत्त ने भूमि बंटवारे (तकसीम) का 30 वर्षों से लंबित मामला उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर तकसीम की प्रक्रिया पूर्ण कर संबंधित परिवार को सूचित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि लोगों को वर्षों तक प्रतीक्षा न करनी पड़े। इसी दौरान पनोह गांव के अशोक कुमार ने बिजली के गिरे हुए तार की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से विद्युत विभाग से इसे ठीक करवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा था। इस पर विधायक ने मौके पर ही विभागीय अधिकारियों से जवाब तलब किया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि कार्यक्रम समाप्त होते ही गिरे तार को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
कार्यक्रम में स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिला। विधायक ने बीडीओ को स्थानीय उत्पाद तैयार कर रहे स्वयं सहायता समूहों के लिए अपने उत्पाद बेचने उपयुक्त व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सशक्त करना प्राथमिकता है। मौके पर हुई त्वरित कार्रवाई से लोग बेहद प्रसन्न थे। विभिन्न विभागों से संबंधित अन्य समस्याओं का भी कार्यक्रम के दौरान निराकरण किया गया, जिससे लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष देसराज गौतम, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राम आसरा और कार्यकारी अध्यक्ष विवेक मिंका ने भी विचार व्यक्त किए तथा आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रयासों की सराहना की।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को समयसीमा तय कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सचिन हीरेमठ, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, पीओ डीआरडीए रमनवीर चौहान, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।