मेडिकल कॉलेज नाहन: एडमिनस्ट्रेटिव अप्रूवल के बिना अपलोड कर दिया था एफसीए का केस,चयनित भूमि के लिए ...फॉलोअप

मेडिकल कॉलेज नाहन: एडमिनस्ट्रेटिव अप्रूवल के बिना अपलोड कर दिया था एफसीए का केस,चयनित भूमि के लिए ...फॉलोअप
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अक्स न्यूज लाइन नाहन  12 नवंबर : 
नाहन मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य बंद हुए तीन साल से भी ज्यादा बीत चुके हैं। सत्तासीन कांग्रेस सरकार ने मेडिकल कॉलेज को शहर से शिफ्ट करने की फ्हले दिन से ही ठान रखी है।

हाल ही में राज्य केबिनेट ने नाहन से मेडिकल कॉलेज को यहां से कांसी वाला के लिए शिफ्टिंग बारे हरी झंडी दिखा दी है। अब यह तय हो गया है कांग्रेस सरकार वर्तमान स्थल कोई निर्माण नही करेगी और अगर निर्माण हुआ तो कांसी वाला भूमि पर ही होगा ।

 सरकार को पहले एडमिनस्ट्रेटिव अप्रूवल देनी थी उसके बाद डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जानी थी फिर जमीन की डिजिटल मैपिंग, एमसी का एनओसी इन सब मे अभी कोई एक्शन नही हुआ लेकिन अधिकारियों ने आननफानन में एफसीए का केस ऑनलाइन अपलोड कर दिया। ऐसे में क्लीयर रेंस दूर की बात है।

मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के भरोसेमंद सूत्रों की जानकारी हैरान करने वाली है। वैसे तो पिछले तीन सालों में मेडिकल कॉलेज के अटके निर्माण कार्य को गति देने के लिए कोई फाइल आगे ही नही बढ़ी। कांसी वाला में सिरमौर कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर जो 160 बीघा जमीन चयनित की है उसकी फाइल भी महीनों से धूल चाट रही है।

 मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने सीएम के आदेशों पर सम्बंधित भूमि का एफसीए का केस बिना एडमिनस्ट्रेटिव अप्रूवल व डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड कर दिया। जबकि एडमिनस्ट्रेटिव अप्रूवल व डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट की मंजूरी पहले सरकार को देनी थी।

उधर एफसीए क्लीयरेंस के लिए लकुना औऱ फँसा है वो है परिषद से मिलने वाला एनओसी जो भाजपा शासित नगर परिषद ने जारी नहीं किया है। जबकि एनओसी को लेकर हाऊस में कांग्रेस पार्षद वोटिंग करा चुके हैं। नप का एनओसी इस केस में अनिवार्य है। जमीन भले ही सरकार हो।

इस मामले में मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीत ढिल्लों ने बताया कि जानकारी के अनुसार अभी तक सरकार की और से  एडमिनस्ट्रेटिव अप्रूवल मिली और न डिटेल्स प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनी है। इसके बाद ही एफसीए की फ़ाइल आगे बढेगी