कहलूर लोकोत्सव-2026 का हुआ भव्य आगाज़, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
इस अवसर पर बोलते हुए सहायक आयुक्त राज कुमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि कहलूर लोकोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोक संस्कृति, परंपराओं एवं कला को प्रोत्साहित करना तथा उभरते कलाकारों को मंच प्रदान करना है। इस प्रकार के आयोजन से न केवल कलाकारों को पहचान मिलती है, बल्कि उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिलती है।
लोकोत्सव के प्रथम दिन विभिन्न महिला मंडलों एवं स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात गिद्दा, लोक-गीत, संस्कार गीत, लोक-नृत्य, गुगा गाथा तथा एकल गीत की मनमोहक प्रस्तुतियां मंचित की गईं। कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ हिमाचली लोक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
इस अवसर पर कहलूर लोकोत्सव आयोजन समिति की संयोजक एवं जिला भाषा अधिकारी नीलम चन्देल ने बताया कि इस आयोजन में जिला एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लगभग 47 महिला मंडल, स्वयं-सहायता समूह, व्यक्तिगत कलाकार एवं विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाएं भाग ले रहीं है।




