पेयजल की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान : गंधर्वा राठौड़
उपायुक्त ने कहा कि जल शक्ति विभाग के स्रोतों, टैंकों और पाइप लाइनों के अलावा जिला में पुराने प्राकृतिक जलस्रोतों, बावड़ी, कुओं, तालाबों और खातरियों, लोगों के अपने घरों तथा विभिन्न संस्थानों की टंकियों की सफाई पर भी विशेष ध्यान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट बोरवैलों के पानी की टेस्टिंग भी होनी चाहिए।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी स्कूलों की टंकियों की नियमित रूप से सफाई करवाने तथा इनकी लॉगबुक को अपडेट रखने के निर्देश दिए। लॉगबुक में सफाई की तिथि और अन्य जानकारी दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पानी की टेस्टिंग के लिए सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, हाई स्कूलों, सीनियर सेकंडरी स्कूलों, ग्राम पंचायतों और ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों को जल शक्ति विभाग की ओर से दी फील्ड टेस्टिंग किट्स दी गई हैं। सभी संस्थान, पंचायतें और स्वच्छता समितियां इन किट्स का प्रयोग करते हुए नियमित रूप से पानी की टेस्टिंग करंे।
गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों को खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से भी विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं। बैठक में डीडब्ल्यूएसएम के सचिव एवं जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता राकेश गर्ग ने मिशन की गतिवधियों और पेयजल टेस्टिंग की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विभाग 8 से 22 मार्च तक जल महोत्सव मना रहा है। इसके तहत विभाग के सभी मंडलों में जलस्रोतों की सफाई की जा रही है तथा आम लोगों को पेयजल की स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जा रहा है। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. प्रवीण चौधरी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।




