तीर्थन घाटी में सेवा और प्रेरणा की मिसाल बनीं वरिष्ठ कस्टम अधिकारी स्मिता सोमाने।

तीर्थन घाटी में सेवा और प्रेरणा की मिसाल बनीं वरिष्ठ कस्टम अधिकारी स्मिता सोमाने।

तीर्थन घाटी गुशेनी बंजार(परस राम भारती):- जिला कुल्लू स्थित तीर्थन घाटी की शांत वादियों में हाल ही में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली, जब वरिष्ठ कस्टम अधिकारी स्मिता सोमाने ने अपने प्रवास के दौरान स्थानीय समुदाय के बीच समय बिताते हुए सेवा कार्य भी किया। हाल ही में वह अपने निजी प्रवास के दौरान तीर्थन घाटी स्थित सनशाइन हिमालयन कॉटेज में ठहरी हुई थीं।

तीर्थन की इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपने व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के बावजूद पास के एक सरकारी स्कूल का दौरा किया और विद्यार्थियों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के लिए परीक्षा से पहले एक घंटे का तनाव-मुक्त योग सत्र आयोजित किया। योग सत्र के माध्यम से उन्होंने छात्रों को सरल योग अभ्यास और सांस संबंधी तकनीकें सिखाईं, जिससे बच्चों को मानसिक तनाव कम करने और पढ़ाई में बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सके।

योग सत्र के बाद उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आगे बढ़कर ऊँचे पद तक पहुँचने के लिए उन्हें किन चुनौतियों और संघर्षों का सामना करना पड़ा। उन्होंने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके प्रेरणादायक शब्दों से बच्चों में नया उत्साह देखने को मिला।

अपने दौरे के दौरान स्मिता सोमाने ने राष्ट्रीय राजमार्ग 305 की खराब सड़क स्थिति का भी संज्ञान लिया। स्थानीय निवासियों ने उन्हें सड़क की खराब हालत के बारे में एक आवेदन पत्र भी सौंपा और बताया कि इस कारण क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तक पहुँचाने का प्रयास करेंगी, ताकि सड़क सुधार के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।

इस अवसर पर हिमाचली एसेंशियल सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्यों को भी उनसे मिलने का अवसर मिला। उन्होंने समूह द्वारा किए जा रहे सामाजिक और सामुदायिक कार्यों की जानकारी ली और उनकी सराहना की। साथ ही उन्होंने  हिमालयन वालंटियर्स टुरिज्म फाउंडेशन के प्रयासों की भी प्रशंसा की, जो हिमालयी क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने, शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने और स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा इस प्रकार स्थानीय बच्चों और समुदाय के बीच समय बिताना सराहनीय पहल है। इससे न केवल बच्चों को प्रेरणा मिलती है बल्कि समाज में सकारात्मक संदेश भी जाता है।