हिमाचल पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस को अवैध रूप से हिरासत में लेने के प्रकरण में नेता प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया... सुक्खू कर रहे हैं अराजकता की राजनीति....

हिमाचल पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस को अवैध रूप से हिरासत में लेने के प्रकरण में नेता प्रतिपक्ष की प्रतिक्रिया... सुक्खू कर रहे हैं अराजकता की राजनीति....

अक्स न्यूज लाइन शिमला 25 फरवरी :     

जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस का इस तरीके से दिल्ली पुलिस के काम में दखलअंदाजी करना बहुतदुखद है। एआई इंपैक्ट समिट किसी पार्टी की नहीं देश की छवि बनाने का काम कर रही थी। जहां दुनिया भर के राजनीतिक और तकनीकी दिग्गज जुटे हुएथे। जिसे मटियामेट करने का काम कांग्रेस पार्टी के युवा मोर्चा के द्वारा किया गया। इस नंगे नाच में हिमाचल प्रदेश की सरकार भी सहयोगी है यह हमारे लिए भी शर्म कीबात है। 

इस पूरे कांड की हिमाचल  सरकार के सहयोग से हिमाचल सदन में इस साजिश को अंजाम देने की रणनीति बनती है। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमाचल सदन में मौजूद होते हैं। यह बात भी पता चली है कि आज पुलिस की हत्थे चढ़े तीनों आरोपी हिमाचल कांग्रेस के एक चुने हुए जन प्रतिनिधि  की गाड़ी में सरकारी अमले के संरक्षण में उन्हें शिमला लागे गये थे। सरकार के संरक्षण में ही उन्हें रोहड़ू भेज दिया जाता है और उनके सुख सुविधा का इंतजाम किया जाता है।

हिमाचल प्रदेश के बाहर के लोग जिन्होंने देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहस-नहस करने की कोशिश की उन्हें हिमाचल प्रदेश में संरक्षण देना बहुत शर्मनाक है।  यह सरकार देश की छवि खराब करने वालों का साथ देने के लिए कानून और संविधान की धज्जियां उड़ने पर आमादा है। मुख्यमंत्री इस तरीके की अराजकता पूर्ण हरकतें करके राहुल गांधी की गुड बुक्स में आना चाहते हैं। पूरे कैबिनेट के दिल्ली में जाकर जमघट लगने के कारण का भी आज खुलासा हो गया।

जय राम ठाकुर ने कहा कि इंटर स्टेट ऑपरेशन में हिमाचल प्रदेश पुलिस को दिल्ली पुलिस का सहयोग करना चाहिए था लेकिन उन्होंने उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की। प्रदेश पुलिस की इस फजीहत के लिए सरकार जिम्मेदार है। नेता प्रतिपक्ष ने हिमाचल पुलिस से कहा कि वह अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के बजाय अपना काम करें।

आज नालागढ़ में दिनदहाड़े हत्या हुई है। कांगड़ा में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। पूरी तरह माफिया राज कायम है गुंडागर्दी, गन कल्चर अपने चरम पर है।  अपराध के मामले में 1 साल में 20% की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन हिमाचल प्रदेश की पुलिस अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए सारी मर्यादाएं लांघ रही है।