तीर्थन घाटी में पर्यटकों ने पौधरोपण करके जिम्मेदार पर्यटन की नई मिसाल की पेश..... ट्रेवल कंपनी एक्सपीडिया की टीम ने सिल्वर ओक के पौधे लगाकर दिया प्रकृति संरक्षण का सन्देश।

तीर्थन घाटी में पर्यटकों ने पौधरोपण करके जिम्मेदार पर्यटन की नई मिसाल की पेश..... ट्रेवल कंपनी एक्सपीडिया की टीम ने सिल्वर ओक के पौधे लगाकर दिया प्रकृति संरक्षण का सन्देश।
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 अक्स न्यूज लाइन कुल्लू   02 नवंबर : 
तिर्थन घाटी गुशेनी बंजार (परस राम भारती):- हिमाचल में अब पर्यटन का मतलब सिर्फ घूमना-फिरना नहीं, बल्कि प्रकृति को लौटाना भी है। हिमालय की मनमोहक तीर्थन घाटी में आने वाले पर्यटकों ने एक नया और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

भारत की अग्रणी ट्रैवल कंपनी एक्सपीडिया के 20 सदस्य हाल ही में तीर्थन घाटी के सनशाइन हिमालयन कॉटेज ईकोलॉज पहुँचे। वहाँ उन्होंने सिल्वर ओक के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस पौधारोपण अभियान का नेतृत्व आर्चित, राजेश चड्ढा और एकता ने किया।

टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर हर पर्यटक अपनी यात्रा के दौरान पर्यावरण की जिम्मेदारी समझे और पेड़ लगाने जैसी छोटी पहल करे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा पर्यावरण छोड़ा जा सकता है।

इस मौके पर हिमालयन वॉलंटियर टूरिज़्म के संस्थापक और ईको-टूरिज़्म सलाहकार पंकी सूद ने कहा कि यह कदम सराहनीय है और इसे हर पर्यटन गतिविधि का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा पर्यटन वही है जो स्थानीय पर्यावरण और संस्कृति दोनों को सहेजे।

अभियान के दौरान एक्सपीडिया टीम ने कोई भी प्लास्टिक या कचरा नहीं फैलाया। उनके इस ईको-फ्रेंडली व्यवहार के लिए सनशाइन हिमालयन कॉटेज की ओर से उन्हें “ईको क्रेडिट्स” देकर सम्मानित किया गया, जिन्हें वे अपनी अगली यात्रा में उपयोग कर सकेंगे।

धीरे-धीरे तीर्थन घाटी हिमाचल प्रदेश में सस्टेनेबल टूरिज़्म का एक बेहतरीन उदाहरण बनती जा रही है, जहाँ पर्यटक और प्रकृति दोनों साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।