अक्स न्यूज लाइन कुल्लू, 29 जनवरी :
आज ट्राउट फार्म, पतलीकूहल में अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ट्राउट पालन प्रशिक्षण एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, भीमताल के सौजन्य से मत्स्य विभाग, द्वारा आयोजित किया गया।
निदेशक मत्स्य, विवेक चंदेल, ने बताया कि मत्स्य विभाग राज्य के मत्स्य किसानों के लिए समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने प्रतिभागी किसानों को ₹10,000 मूल्य की निःशुल्क ट्राउट पालन किट वितरित की गई, जिसमें हैंड नेट, ट्राउट मत्स्य आहार, दवाइयाँ, आइस बॉक्स आदि आवश्यक सामग्री शामिल थी।
इस प्रशिक्षण शिविर में जिला कुल्लू के 25 ट्राउट मत्स्य पालकों ने भाग लिया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, भीमताल से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रेणु जेठी एवं डॉ. कुणाल किशोर द्वारा ट्राउट पालन से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के आरंभ में ट्राउट फार्म के उपनिदेशक अरुण कांत ने स्वागत भाषण के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागी किसानों का अभिनंदन किया तथा जिला कुल्लू के ट्राउट पालकों के लिए इस उपयोगी प्रशिक्षण शिविर के आयोजन हेतु आभार व्यक्त किया।
डॉ. रेणु जेठी एवं डॉ. कुणाल किशोर द्वारा ट्राउट मत्स्य पालन में मत्स्य आहार प्रबंधन एवं रोगों की रोकथाम विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिए गए।
इस अवसर पर डी.सी. आर्य, वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी (हामनी, बंजार) द्वारा ट्राउट हैचरी प्रबंधन पर किसानों को जानकारी दी गई। वहीं, जिला कुल्लू की प्रथम कोल्ड वाटर यूनिट में कार्यरत प्रगतिशील ट्राउट मत्स्य पालक सिद्धार्थ द्वारा परिसंचरण प्रणाली से ट्राउट पालन एवं विपणन की विस्तृत जानकारी साझा की गई। किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से विपणन को बढ़ावा देने तथा आधुनिक मार्केटिंग तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।