आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक: डाॅ. पुष्पेंद्र राणा
इस अवसर पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने डीडीएमए द्वारा संचालित गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कांगड़ा जिला भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां भूकंप, भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं का निरंतर खतरा बना रहता है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में 62 प्रमुख भूस्खलन स्थलों की पहचान की गई है तथा 13 तहसीलों में माइक्रो जोनेशन अध्ययन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 51 दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मानव संसाधन तैयार किए गए हैं। अब तक 15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया है, जबकि 300 आपदा मित्र तथा 750 युवा आपदा मित्र तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 1,499 राजमिस्त्रियों को भूकंपरोधी निर्माण का प्रशिक्षण दिया गया है तथा 3 हजार आपदा मित्रों को रिफ्रेशर कोर्स करवाया गया है। उन्होंने बताया कि जिले के 10 प्रमुख ट्रैकिंग रूट्स पर चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं तथा ट्रैकर्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सकी है। इस पहल से लापता होने वाले ट्रैकर्स की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। आपदा के दौरान त्वरित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 250 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है।
बैठक में वनाग्नि, पोंग डैम से जल छोड़ने, भूमि धंसाव, सड़क दुर्घटनाओं तथा एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़े जोखिमों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही बाढ़ संभावित क्षेत्रों की मैपिंग, पंचायत स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया दलों के गठन तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इस अवसर पर मुख्य अरण्यपाल बासु कौशल, एडीएम शिल्पी बेक्टा, डीएसपी कैलाश शर्मा, उप निदेशक कृषि कुलदीप धीमान, उप निदेशक बागवानी अलक्ष पठानिया, एसई विद्युत कुलवीर जस्सल, डीएफओ संदीप कोहली, एफएसओ सुरेश ठाकुर, डिप्टी एमएस आरपीजीएमसी डाॅ. अरविंद राणा, एसएचओ नारायण सिंह, एमएस डाॅ. अनुराधा, डाॅ. दुष्यंत कुमार, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, सहायक अभियंता विद्युत रमेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।








