कृषि और स्वरोजगार को मिला वित्तीय संबल, तीसरी तिमाही तक 2686.43 करोड़ रुपये के ऋण वितरित
यह जानकारी उपायुक्त जतिन लाल ने गुरुवार को जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। इस दौरान ऊना विधानसभा के विधायक सतपाल सिंह सत्ती भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उपायुक्त ने बताया कि मार्च 2026 तक निर्धारित 3167.11 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले दिसंबर तिमाही 2025 तक 2686.43 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में बैंकों की कुल जमा राशि 16622.83 करोड़ रुपये हो गई है, जिसमें 14.26 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कुल ऋण 13.29 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5158.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जिला का ऋण-जमा अनुपात 31.04 प्रतिशत रहा है। उन्होंने कहा कि इस अनुपात में सुधार के लिए बैंकों और संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।
कृषि और स्वरोजगार को प्राथमिकता
जिले में 31 दिसंबर 2025 तक 54,911 किसानों को कृषि कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। दिसंबर तिमाही के दौरान 15.96 करोड़ रुपये शिक्षा ऋण भी वितरित किए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों की आय बढ़ाने, कृषि औजारों हेतु ऋण उपलब्ध कराने तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्राथमिक क्षेत्र में ऋण वितरण को और गति दी जाए। अधिक से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ा जाए।
सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता पर जोर
उपायुक्त ने आरबीआई के ‘आपका पैसा आपका अधिकार’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि बैंकों में पड़ी अनक्लेम्ड राशि लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सके। उन्होंने सरकार की सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि कम प्रीमियम में उपलब्ध ये योजनाएं संकट के समय परिवारों को मजबूत सहारा प्रदान करती हैं।
प्राथमिक क्षेत्र में सुधार के निर्देश
उपायुक्त ने वार्षिक ऋण योजना के अंतर्गत उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र में प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने, ऋण वितरण को गति देने तथा खराब ऋणों की समयबद्ध रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत ऋण आवेदनों को समय पर स्वीकृति देने पर बल दिया। साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। उन्होंने बैंकिंग धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए ग्राहकों को जागरूक करने और सतर्कता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया।
बैठक में ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती, मुख्य जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजीव कुमार सक्सेना, भारतीय रिजर्व बैंक के जिला अग्रणी अधिकारी राहुल जोशी, डीडीएम नाबार्ड सबरीना राजवंशी, निदेशक पीएनबी आरसेटी सुधीर कुमार शर्मा तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।





