कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान: संजय रत्न
अक्स न्यूज लाइन धर्मशाला, 4 फरवरी:
बैठक में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा सहित सभी उपमंडल अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
संजय रत्न ने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि कोई भी पात्र व्यक्ति किसी भी कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय, सहयोग और सहभागिता के साथ कार्य करना होगा। प्रत्येक विभाग को अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँचे।
उन्होंने बताया कि जिला कांगड़ा में वर्तमान में 1 लाख 80 हजार 294 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है, जिस पर इस वित्त वर्ष में 227 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई है। वहीं राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत बीपीएल परिवारों के मुखिया की मृत्यु पर 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसके अंतर्गत इस वित्त वर्ष में 200 परिवारों को 40 लाख रुपये की सहायता दी गई है।
संजय रत्न ने कहा कि अंतर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विवाह अनुदान तथा स्वर्ण जयंती आश्रय योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से आम जनता को लाभ पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 446 महिलाओं को 2 करोड़ 27 लाख 46 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है, जबकि विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत 17 लाख 80 हजार रुपये वितरित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 18 वर्ष तक की आयु के 54,024 बच्चों को 6 करोड़ 33 लाख 48 हजार रुपये तथा 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के 2,758 बच्चों को 21 लाख 9 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।
संजय रत्न ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर तक व्यापक जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएँ, जिनमें विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी सरल एवं सहज भाषा में आम जनता तक पहुँचाई जाए। इन शिविरों में विशेष रूप से वृद्धजनों, महिलाओं, युवाओं, दिव्यांगजनों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक छह माह में जिला स्तर पर समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की जा सके और आवश्यक सुधार समय रहते किए जा सकें।
संजय रत्न ने उपमंडल दंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोकमित्र केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि इन केंद्रों के माध्यम से आम जनता को सभी सेवाएँ पारदर्शी, समयबद्ध और सुचारू रूप से उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि लोकमित्र केंद्र सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि जनसमस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुनते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों से जिला प्रशासन और समिति को समय रहते अवगत कराया जाए।
संजय रत्न ने एसडीएम एवं वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से सभी विभागों की बैठकें लें और कम से कम दो माह में एक बार विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित कर योजनाओं की प्रगति की प्रभावी माॅनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए। पंचायत बैठकों और फील्ड रिपोर्ट के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पंचायत प्रतिनिधि योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचा रहे हैं।
बैठक के दौरान जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी, जबकि जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अशोक शर्मा ने विभिन्न महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की प्रगति और उपलब्धियों का विवरण भी प्रस्तुत किया।





