देश की गौरवशाली विरासत को संजोने में संस्कृत महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका: राजेश धर्माणी

देश की गौरवशाली विरासत को संजोने में संस्कृत महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका: राजेश धर्माणी

अक्स न्यूज लाइन घुमारवीं (बिलासपुर), 03 मार्च:

 

 नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का आधार संस्कृत भाषा रही है। वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत, आयुर्वेद, ज्योतिष और दर्शन जैसे अनमोल ग्रंथ संस्कृत में ही रचे गए हैं। उन्होंने कहा कि देश की इस गौरवशाली विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में संस्कृत महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजेश धर्माणी आज घुमारवीं के डंगार स्थित राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि संस्कृत महाविद्यालय केवल भाषा का शिक्षण ही नहीं करते हैं बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्म, नैतिक मूल्यों और परंपराओं का भी संरक्षण करते हैं। संस्कृत महाविद्यालयों में छात्रों को व्याकरण, साहित्य, वेद, वेदांग, न्याय, मीमांसा, दर्शन, कर्मकांड, ज्योतिष और योग जैसे विषयों का गहन अध्ययन कराया जाता है। संस्कृत महाविद्यालयों में शिक्षा का वातावरण अनुशासित, शांत और आध्यात्मिक होता है। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा की झलक आज भी इन संस्थानों में देखने को मिलती है, जहां शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न होकर, विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करता है।
राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों को नसीहत देते हुए कहा कि वह शिक्षा ग्रहण करते समय पर अपना शत प्रतिशत दें। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में शिक्षा हासिल करने के लिए उपलब्ध विभिन्न तकनीकों के बावजूद केवल शिक्षक की विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा मुहैया करवा सकता है। उन्होंने शिक्षार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेने का आहवान् किया ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।


उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य कर रही है। विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणात्मक शिक्षा मुहैया करवाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू करने के साथ-साथ वर्तमान समय की जरूरतों को देखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंद्ध पाठयक्रम को शुरू किया है। सरकार के इस कदम से जहां विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में मदद मिलेगी तो वहीं अत्याधुनिक तकनीक एवं उपकरणों से लैस शिक्षण संस्थानों में शिक्षा हासिल करने का मौका भी मिलेगा। सरकार के इस अहम कदम से प्रदेश के आम परिवारों के बच्चों को भी अब सीबीएसई पाठयक्रमयुक्त स्कूल में शिक्षा हासिल करने का अवसर उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जहां प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किये जा रहे हैं तो वहीं सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम की पढ़ाई भी शुरू की है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि डंगार पंचायत में अलग अलग विकासात्मक कार्यों पर लगभग साढ़े पांच करोड़ रूपये व्यय किये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान, कल्याण एवं विकास की दृष्टि से निरंतर कार्यशील है तथा कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन द्वारा रखी मांगों को लेकर कहा कि उन्हें आने वाले समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।


तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विभिन्न शैक्षणिक, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इससे पहले महाविद्यालय के प्रधानाचार्य संदीप ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा कॉलेज का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। इस मौके पर संस्था के संस्थापक डाॅ. दीनानाथ, पूर्व सचिव संस्कृत अकादमी डॉ. केशवानंद कौशल, मनोहर लाल, सतपाल महाजन, राकेश सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।