नाहन : सुक्खू सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, महिलाओं को 1500 रुपये का वादा भी अधूरा: विनय गुप्ता

नाहन : सुक्खू सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर, महिलाओं को 1500 रुपये का वादा भी अधूरा: विनय गुप्ता

अक्स न्यूज लाइन नाहन 10 मार्च : 
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के हालिया सिरमौर दौरे और नाहन में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आती है।

विनय गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने नाहन स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और हाई-एंड तकनीक लाने की बात कही है, लेकिन नाहन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की मौजूदा स्थिति सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई जरूरी सुविधाओं का अभाव है, मरीजों को जांच और उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और कई आधुनिक सुविधाएं आज तक उपलब्ध नहीं करवाई जा सकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगभग 3000 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कर रही है, लेकिन नाहन मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के कई स्वास्थ्य संस्थानों में उपकरणों की कमी, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और अधूरी सुविधाएं आज भी गंभीर समस्या बनी हुई हैं। ऐसे में सरकार के दावे केवल कागजों और मंचों तक सीमित दिखाई देते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई 500 करोड़ रुपये की घोषणा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि वास्तव में आगामी बजट में शामिल की जाएगी या यह भी केवल एक और राजनीतिक घोषणा बनकर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में प्रदेश का बजट पेश होने वाला है, ऐसे में सरकार को साफ बताना चाहिए कि इस घोषणा के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा या फिर जनता को केवल घोषणाओं के जरिए भ्रमित किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए विनय गुप्ता ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और उन्हें योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान करना स्वागतयोग्य है, लेकिन सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाएं केवल मंचीय कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने चुनाव के समय महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया था और यह भी कहा गया था कि पहली ही कैबिनेट बैठक में इस योजना को लागू किया जाएगा। लेकिन सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद अब तक महिलाओं को यह राशि नहीं मिल पाई है।
विनय गुप्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की करीब 28 लाख महिलाएं 1500 रुपये की इस सहायता राशि का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं न केवल इस योजना के लागू होने का इंतजार कर रही हैं, बल्कि पिछले तीन वर्षों का बकाया भी मिलने की उम्मीद लगाए बैठी हैं, जो 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बनता है।

उन्होंने कहा कि अब सरकार द्वारा यह कहा जा रहा है कि महिलाओं को 1500 रुपये अगले साल दिए जाएंगे, जबकि अगले साल प्रदेश में चुनाव भी होने हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार चुनाव से पहले इस वादे को पूरा कर पाएगी या फिर यह भी केवल एक और राजनीतिक घोषणा बनकर रह जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के वादे कर सरकार महिलाओं के साथ खिलवाड़ कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश सरकार अब तक जो भी कार्य कर रही है, उनमें से अधिकांश परियोजनाएं पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार भाजपा सरकार द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों का श्रेय लेने में लगी हुई है, जबकि अपने स्तर पर किए गए किसी बड़े और ठोस कार्य की उपलब्धि यह सरकार जनता के सामने नहीं रख पा रही है।

उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विनय गुप्ता ने कहा कि अब प्रदेश की जनता सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर समझने लगी है। सरकार को केवल घोषणाओं और कार्यक्रमों तक सीमित रहने के बजाय विकास कार्यों को गति देने और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रदेश की जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।