नाहन : वन अधिकार अधिनियम से बदली 28 परिवारों की जिंदगी.... प्रदेश सरकार ने भूमिहीन परिवारों को दिया सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
अक्स न्यूज लाइन नाहन 18 जून :
वन क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दिशा में जिला सिरमौर में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है, जहां अब तक 28 पात्र व्यक्तियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत भूमि एवं अन्य अधिकारों का लाभ प्रदान किया जा चुका है।
वन अधिकार अधिनियम का उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य परंपरागत वनवासियों को उनके पारंपरिक वन अधिकारों की कानूनी मान्यता प्रदान करना है। इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को वन भूमि पर उनके अधिकार सुनिश्चित किए जाते हैं, जिससे उन्हें आजीविका, आवास और सामाजिक सुरक्षा का स्थायी आधार प्राप्त हो सके।
प्रदेश सरकार के इसी प्रयास का परिणाम है कि अनेक परिवार वर्षों की अनिश्चितता से बाहर निकलकर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर हुए हैं।
वन अधिकार अधिनियम से बच्चों का भविष्य भी हुआ सुरक्षित









