हिमाचल में विकास की गति थमी, जनता अब केंद्र की नीतियों पर लगा रही मुहर प्रोफेसर सिकंदर कुमार
अक्स न्यूज लाइन शिमला 25 अप्रैल :
संगठनात्मक जिला महासू और मंडल जुबल कोटखाई के पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर हुंकार भरी। बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और वर्तमान प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। बैठक में चर्चा की गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयां दी हैं। उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदली है। विशेष रूप से सामरिक और ढांचागत विकास के क्षेत्र में केंद्र द्वारा दी गई करोड़ों की सौगातें आज हिमाचल की जीवनरेखा बन चुकी हैं।
प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होनें कहा कि सत्ता में आने से पहले किए गए बड़े-बड़े वादे आज 'गारंटी' के नाम पर छलावा साबित हुए हैं। प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और प्रशासनिक विफलता के कारण आम जनता त्रस्त है। चाहे वह युवाओं के लिए रोजगार का विषय हो या बागवानों के हित, प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है।
पंचायत चुनावों के लिए रणनीति तय की और बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कार्यकर्ता प्रत्येक घर में जाकर प्रदेश सरकार की 'जनविरोधी' नीतियों और केंद्र सरकार की 'जनकल्याणकारी' योजनाओं के बीच का अंतर स्पष्ट करेंगे।
पंचायत स्तर पर प्रदेश सरकार की अधूरी गारंटियों की पोल खोली जाएगी।केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को दी गई विशेष सहायता और प्रोजेक्ट्स का प्रचार-प्रसार जनता जनार्दन के बीच करे! इस बैठक में मंडल और जिले के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एक स्वर में आगामी चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने का संकल्प लिया।








