एनएच पर अनधिकृत पार्किंग पर सख्ती, क्रेन से हटाए जाएंगे वाहन....

एनएच पर अनधिकृत पार्किंग पर सख्ती, क्रेन से हटाए जाएंगे वाहन....
Ad 2 Ad 5 Ad 6 Ad 9
Ad 5 Ad 6 Ad 7 Ad 9
Ad 5 Ad 6 Ad 7 Ad 9

अक्स न्यूज लाइन ऊना, 30 जून :
राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत रूप से वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू कर दी है। इसके तहत पहले वाहन स्वामियों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर वाहन हटाने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद भी वाहन नहीं हटाने पर जिला प्रशासन एवं पुलिस की देखरेख में सड़क एजेंसियों की क्रेन एवं मशीनरी से उन्हें हटाया जाएगा। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-चालान भी जारी किए जाएंगे।

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि यह एसओपी माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 13 अप्रैल, 2026 के आदेश तथा कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे (लैंड एंड ट्रैफिक) अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की गई है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरोध मुक्त बनाकर सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि एसओपी के तहत उपमंडल स्तर पर प्रवर्तन दल गठित किए जाएंगे। इनमें संबंधित एसडीएम अध्यक्ष, एसडीपीओ सदस्य, एनएचएआई पीआईयू हमीरपुर के परियोजना निदेशक अथवा उनके प्रतिनिधि सदस्य, एचपीपीडब्ल्यूडी (एनएच) के संबंधित अधिशासी अभियंता सदस्य सचिव, सहायक अभियंता सदस्य तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सह-संयोजक के रूप में शामिल होंगे। यह दल राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत पार्किंग की निगरानी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

एसओपी के अनुसार एनएचएआई एवं एचपीपीडब्ल्यूडी (एनएच) की गश्ती टीमें तथा जिला पुलिस के गश्ती दल अनधिकृत पार्किंग वाले स्थानों की जीपीएस आधारित फोटोग्राफिक रिकॉर्डिंग करेंगे। इसके आधार पर संबंधित सड़क एजेंसी वाहन स्वामियों को प्रारंभिक नोटिस जारी कर वाहन हटाने के लिए सात दिन का समय देगी। निर्धारित अवधि के बाद भी वाहन नहीं हटाने पर जिला प्रशासन एवं जिला पुलिस की देखरेख में सड़क एजेंसियों की क्रेन एवं मशीनरी की सहायता से वाहनों को निर्धारित स्थान पर हटाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई से संबंधित सभी साक्ष्य संबंधित एसडीपीओ को भेजे जाएंगे, जिसके आधार पर केवल ई-चालान जारी किए जाएंगे। मौके पर मैनुअल चालान जारी नहीं किए जाएंगे। जहां एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) उपलब्ध होगा, वहां वीआईडीईएस कैमरों के माध्यम से उल्लंघनों की पहचान कर सूचना सीधे पुलिस विभाग को भेजी जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की मासिक बैठक में की जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए 75 किलोमीटर से अधिक के अंतराल पर रिकवरी क्रेन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि एसओपी का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित, व्यवस्थित और अवरोध मुक्त बनाकर सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन उपलब्ध कराना तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
-0-