राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कहलूर लोकोत्सव संपन्न
इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनते हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे और उनसे प्रेरणा प्राप्त कर सके।
कहलूर लोकोत्सव के अंतिम दिन महिला मंडलों एवं स्थानीय सांस्कृतिक दलों ने गिद्धा, लोकगीत, संस्कार गीत, लोकनृत्य, धाजा तथा एकल गीत की आकर्षक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ प्रस्तुत इन कार्यक्रमों ने हिमाचली लोक संस्कृति की जीवंत और मनोहारी झलक प्रस्तुत की, जिससे पूरा वातावरण संस्कृति और लोक परंपराओं के रंग में सराबोर हो गया।
इस अवसर पर कहलूर लोकोत्सव आयोजन समिति की संयोजक एवं जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।





