स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करें : अतिरिक्त उपायुक्त
उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के तहत प्रायोजित स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत विभिन्न विकासात्मक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यो पर भी चर्चा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत कार्यों के लक्ष्य को लगभग पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष बचे कार्यों को 31 मार्च, 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्रे वाटर मैनेजमेंट में जिला के ऊना ब्लॉक में 13 ग्राम पंचायतों 47,88, 700 रुपये, ठोस कचरा प्रबंधन के अंतर्गत ऊना ब्लॉक की 24 ग्राम पंचायतों के लिए 14 लाख 42 हजार रुपये, व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के अंतर्गत विकास खण्ड अम्ब, बंगाणा, गगरेट, हरोली और ऊना में प्रत्येक विकास खण्ड में 240-240 शौचालय निर्मित करने का लक्ष्य निधारित किया गया जिसको पूर्ण करने पर 1.44 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वच्छता परिसर के अंतर्गत सभी विकास खण्डों में 150 कार्यों के लक्ष्य के मुकाबले 108 कार्यों पर 3.24 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला के ऊना विकास खण्ड की ग्राम पंचायत अजौली, अम्ब विकास खण्ड की पंचायत धधड़ी, हरोली की पंचायत पंडोगा और बंगाणा में मुच्छाली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनका लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश देते हुए आपसी सहयोग से कार्य करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के माध्यम से ऊना जिला विकास के मामले में प्रदेश का अग्रणी जिला बने।





