नाहन : चौगान के नजदीक सैंकड़ो साल पुराने पपील के पेड़ों की पवित्रता हो रही तार तार...खोख़े हटा कर सौंदर्यकरण की आवाज, संस्था ने गोद लेने के लिए एमसी को लिखा पत्र..
अक्स न्यूज लाइन नाहन 12 जनवरी :
नाहन शहर की शान माने जाने वाले ऐतिहासिक चौगान के आसपास लगे।सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ों का वजूद लगातार सिमट रहा है।अब तो आलम यह है की नगर परिषद ओर उसके सियासी आकाओं की लचर कार्यप्रणाली और गरीबों के नाम पर अपना वोट बैंक पक्का करने के इरादे से इन दो पीपल के पेड़ों के चबूतरों पर खोखे पिछले कई सालों से लगवा रखे हैं। जिसके चलते इन पेड़ों की पवित्रता और सुंदरता तार।तार हो रही है।
नगर परिषद व जिला प्रशासन ने इस बारे में चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे अब इन पेड़ों के चबूतरों का सौन्दर्यकरण करने के लिए स्थानीय नागरिकों की एक संस्था वी केयर फॉर स्पोर्ट्स, सोशल एंड कल्चरल सोसायटी, जिला सिरमौर नाहन जिसमें ज्यादातर खिलाडी शामिल हैं के सदस्यों संजीव सोलंकी,इकराम,नाहिद, विक्रांत के सदस्यों
ने एसडीएम नाहन व एओ नगर परिषद को लिखे एक पत्र मांग करते हुए कहा कि चौगान के आसपास रेहड़ी फड़ी वालों की गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। चौगान के पास दो सैकड़ो साल पुराने पीपल के पेडों की लगातार पवित्रता भंग हो रही हैं, सनातन संस्कृति में पीपल का पेड़ पूजनीय माना गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सालों से नगर परिषद ने इन पेडों के चबूतरों को रेहड़ी फड़ी वालों के हवाले कर दिया है। इनके चारो तरफ गंदगी का आलम है। यह अंडे बिक रहे हैं लोग यहां खा पीकर झूठन व कप प्लेट आदि फेंके रहे है ।आसपास के लोगों में भी इस जगह को कूड़ा दान बना रखा है।
पत्र में संस्था ने मांग करते हुए कहा कि इन दोनों चबूतरों से रेहड़ी फड़ी वालों से मुक्त कराकर संस्था को सौंपा जाए। ताकि जनसहयोग से इनका सौंदर्यकरण किया जा सके।




