मुख्यमंत्री को दिल्ली जाकर आभार जताना था लेकिन वह केंद्र पर आरोप लगा रहे हैं : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर

मुख्यमंत्री को दिल्ली जाकर आभार जताना था लेकिन वह केंद्र पर आरोप लगा रहे हैं : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
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अक्स न्यूज   लाइन ..शिमला  29 जुलाई - 2023
 नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला और मुख्यमंत्री से लेकर तमाम मंत्रियों के द्वारा लगाए जा रहे सभी बेबुनियाद आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आपदा में प्रदेश के साथ खड़े रहने के लिए मुख्यमंत्री को दिल्ली जाकर आभार जताना चाहिए था और सारी स्थिति पर अपना पक्ष रखना चाहिए था लेकिन उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। समय से पहले मदद मिलने के बाद भी एक पाई न मिलने जैसी बातें करने लगे। राजनीति से प्रेरित होकर इस तरह के आरोप लगाना बहुत शर्मनाक हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री कह दें कि राहत और बचाव कार्य के लिए केंद्र ने एनडीआरएफ़ की टीमें नहीं भेजी, बीआरओ को काम पर नहीं लगाया, थल सेना और वायु सेना के जवानों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर हज़ारों लोगों के प्राणों की रक्षा नहीं की। वह कह दें कि वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने दुनिया के सबसे ख़तरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन को हिमाचल में अंजाम नहीं दिया या प्रधानमंत्री गृहमंत्री, समेत अन्य मंत्री और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कंधे से कंधा मिलाकर हिमाचल प्रदेश के साथ खड़े होने का भरोसा नहीं दिया। इतना सब कुछ करने के बाद भी यदि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री समेत कांग्रेस के बाक़ी नेता अगर कह रहे हैं कि केंद्र सरकार ने कोई मदद नहीं की तो इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने यह बातें शिमला में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कही। 
उन्होंने विक्रमादित्य को बात-बात पर पलट जाने वाले पलटू राम कहा। उन्होंने कहा कि कौल सिंह ठाकुर अपने ही चेले से चुनाव हार कर परेशान हैं, उम्र के इस पड़ाव पर राजनीति का इस तरह समाप्त हो जाने के कारण ऐसा है। 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारी बारिश की वार्निंग के बाद भी सरकार की तरफ़ से किसी तरह की तैयारी नहीं की गई और न ही आपदा से बचने और उसके जोखिम को कम करने का कोई प्रयास किया गया। सरकार की कोई तैयारी नहीं थी, हर सरकार में एक रवायत रही है कि गर्मी बरसात और बर्फ़बारी के पहले हमेशा मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक हाई लेवल की मीटिंग होती हैं, जिसमें मौसम से होने वाले ख़तरों का आँकलन किया जाता है और उससे बचने की योजना बनाई जाती है। वर्तमान सरकार ने एक मीटिंग करने की भी ज़हमत नहीं उठाई। अगर सरकार की तैयारी होती तो इस आपदा में जनहानि कम की जा सकती थी। लोगों को सचेत किया जा सकता था। इसी कारण तबाही बहुत ज़्यादा हुई और बचाव एवं राहत कार्य में वह धार नहीं दिखी, जिसकी आपदा के समय आवश्यकता थी। 

उन्होंने कहा कि यह सरकार आपदा राहत के मुद्दे पर भी पूरी तरह फेल रही। आपदा प्रभावितों को समय पर राहत नहीं पहुंच पाई। आज भी बहुत से प्रभावित ऐसे हैं जिन तक सरकार नहीं पहुंच पाई। सरकार के सभी विभागों में समन्वय की कमी दिखी। जिसकी वजह से राहत और पुनर्वास के कार्यक्रम प्रभारी तरह से नहीं हो पाये।  आपदा के लिए केंद्र द्वारा भेजे गये हेलीकॉप्टर मंत्रियों और सरकार ने प्रभावी राहत कार्य में लगाने की बजाय, अपने पीआर में लगाने की कोशिश की। सेना के हेलीकॉप्टर पर नेता सेल्फ़ियाँ लेते नज़र आये।  आपदा से बचाव की पूर्व योजना से लेकर राहत और बचाव के मामले में यह सरकार पूरी तरह से नाकाम रही। आज भी कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर सड़कें बंद हैं। आपदा राहत में के नाम पर बाँटी जाने वाली राशि के मामले में जो हुआ वह आज तक कहीं नहीं हुआ। जो राहत देने का काम प्रशासन का था, वह कांग्रेसी नेताओं की पत्नियों और बच्चों ने किया। इस तरह की व्यवस्था कभी नहीं थी।

केंद्र से मिली मदद को लेकर झूठ बोला गया
नेता प्रतिपक्ष में कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री समेत प्रमुख नेताओं ने मुख्यमंत्री से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मैंने दौरा किया और प्रदेश भर में हुए नुक़सान का जायज़ा लिया। मैं दिल्ली गया, प्रदेश को हुए नुक़सान के बारे में गृहमंत्री अमित शाह को अवगत करवाया और हर संभव मदद का आग्रह किया। गृह मंत्री ने तत्काल आपदा राहत के लिए एडवांस में 183 करोड़ की आपदा राहत राशि जारी की। राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के निर्देश दिये और कहा कि कल और राशि जारी करेंगे। अगले दिन राज्य सरकार के खाते में 181करोड़ रुपये और आ गये। कुल 364 करोड़ रुपये की तत्काल मदद की गई। यह धनराशि अग्रिम मदद के रूप में आई है। केंद्र द्वारा बारिश के मौसम की समाप्ति के बाद ही टीमें आती हैं और नुक़सान का जायज़ा लेती हैं। इस बार आपदा के दो हफ़्ते के भीतर यह हो गया। केंद्र हर तरह से मदद कर रहा है। हर चीज की एक निर्धारित प्रक्रिया है। 

01 अगस्त को हिमाचल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे परिवहन मंत्री नितिन गड़करी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दो दिन पहले दूसरी बार दिल्ली जाकर मैंने रक्षा मंत्री को उनके सहयोग के लिए आभार जताया और नितिन गड़करी से बात कर सड़क इंफ़्रास्ट्रक्चर को हुए नुक़सान का ज़ायज़ा लेने का अनुरोध किया जिससे नेशनल हाई वे को हुए नुक़सान से उबरने की प्रभावित योजना बनाई जा सके। नितिन गड़करी 01अगस्त को हिमाचल आ रहे हैं। गड़करी ने चंडीगढ़-कीरतपुर नेशनल हाईवे का टोल अगले छह महीने के लिए माफ़ कर दिया है। 
विक्रमादित्य सिंह अपनी खीझ दूसरी जगह निकाल रहे हैं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विक्रमादित्य सिंह अपनी नाराज़गी जिससे ज़ाहिर करनी है उससे नहीं कर पस रहे हैं। वह अपनी बात से हर बार पलट जाते हैं, उनके पार्टी के मंत्री उन्हें बचकानी हरकत करने वाला बोलते हैं। यूसीसी का समर्थन किया।, बाद में पलट गये, सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट भी डिलीट कर दी। वह पल्टूराम हैं। 

जिन्होंने बदनाम करना चाहा, वे ख़ुद बेनक़ाब हो गये
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि थुनाग में लैंड स्लाइड से दर्जनों मकान ध्वस्त हो गये। 100 से ज़्यादा परिवारों के के घरों को नुक़सान पहुंचा, लोगों ने उस त्रासदी की भी अलग एंगल देने की कोशिश की। सरकार के अधिकारियों द्वारा जांच में यह साफ़ हो गया कि यह एक त्रासदी थी, जिसकी वजह से लोगों को अपना आशियाना गंवाना पड़ा। 
चेलों से हारने के बाद परेशान हैं कौल सिंह ठाकुर 
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कौल सिंह वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन इस उम्र में दो-दो बार अपने चेलाओं से हारने के बाद से वजह परेशान हैं।