नाहन: प्राथमिक शिक्षक संघ की क्लस्टर प्रणाली के खिलाफआयोजित रैली में जमकर नारेबाजी, ज्ञापन सौंपा..
अक्स न्यूज लाइन नाहन 01 मार्च :
जिला मुख्यालय में रविवार को जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के सैकड़ों सदस्यों ने शिक्षा विभाग द्वारा थोपी गई क्लस्टर प्रणाली के विरोध में रैली का आयोजन किया । इस दौरान प्रदर्शकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा रानी ताल बाग़ से लेकर डिसी ऑफिस तक रैली निकाली।
संघ के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश।शर्मा ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 23 सितंबर 2025 को नई परिसर प्रणाली पर एक अधिसूचना जारी की गई है। 29 नवंबर 2023 को नए क्लस्टर वाली इस अधिसूचना का प्राथमिक शिक्षक संघ ने उस समय विरोध किया था और वाली उपरांत प्राथमिक शिक्षा व प्राथमिक शिक्षकों के हितों को सुरक्षित रखते हुए 13 फरवरी, 2024 को संशोधित अधिसूचना जारी की थी।
उन्होंने कहा कि इस अधिसूचना में बनाए गए क्लस्टर सिस्टम को रिसोर्स शेयरिंग तक सीमित रखने पर सहमति बनी थी। यह भी निर्णय हुआ था कि नर्सरी से पांचवी कक्षा तक प्राथमिक शिक्षा का प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन पूर्व की तरह मुख्य शिक्षकों, केंद्रीय मुख्य शिक्षकों व खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के पास ही रहेगा। जबकि छठी से 12वीं कक्षा तक स्कूली का प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन पूर्व की तरह प्रिंसिपल के अधीन चलता रहेगा।
शर्मा ने कहा कि 23 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के दिशा निर्देशों में प्राथमिक शिक्षा का पूर्ण नियंत्रण व संचालन प्रिंसिपल को दे दिया गया है, जो कि प्राथमिक शिक्षकी के हितों के साथ कुठाराघात है। वर्ष 1984 से प्राथमिक शिक्षा का अलग दांधा कार्य कर रहा है और प्राथमिक शिक्षा के प्रशासनिक नियंत्रण व संचालन के लिए अलग क्लस्टर कार्य कर रहे हैं।
वर्ष 2024 की रिपोर्ट में प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और पिछले वर्ष राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) में भी हिमाचल प्रदेश ने तीसरी कक्षा के सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह सब प्राथमिक शिक्षा के अलग ढांचे तथा प्राथमिक शिक्षकों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इसमें प्रिंसिपल का कोई योगदान नहीं है। पूरी प्रणाली को प्रिंसिपल के अधीन करने से समस्त कार्य केंद्रीयकृत हो जाएंगे और एक ही स्थान पर सारा बोझ पड़ जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट आएगी।
ऐसे में मुख्य शिक्षकों, केंद्रीय मुख्य शिक्षकों और खंड प्रारंशिक शिक्षा अधिकारी के प्रशासनिक शक्तियां व कार्य क्षेत्र सीमित रह जाएगा और भविष्य में यह पद निरर्थक हो जाएंगे।
इस अधिसूचना के जारी दिशा निर्देशी में विरोधाभास की स्थिति है और प्राथमिक शिक्षकी को दो-दो प्रशासनिक इकाइयों के अधीन किया जा रहा है। इससे प्राथमिक शिक्षा को भविष्य में बहुत नुकसान होने वाला है। यह प्राथमिक शिक्षक संघ के 43 दिनों तक चले संघर्ष के उपरांत शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर द्वारा किए गए वादों के भी विपरीत है। यह प्राथमिक शिक्षक संघ के साथ वादा खिलाफी है।




