अनुसूचित जाति आयोग ने अंब में दो मामलों की प्रगति की समीक्षा की
बैठक में नवंबर माह में दो वर्ष की एक बच्ची के लापता होने के मामले में पुलिस अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई। पुलिस द्वारा अवगत कराया गया कि मामले की जांच विभिन्न आयामों से जारी है तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अभी तक कोई निर्णायक तथ्य सामने नहीं आया है।
आयोग अध्यक्ष ने मामले की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संभावित पहलुओं पर समन्वित एवं व्यवस्थित ढंग से जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि तथ्यात्मक स्थिति शीघ्र स्पष्ट हो सके।
गुमशुदा बच्ची नैहरियां खालसा क्षेत्र के एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंधित है। आयोग ने अभिभावकों से भेंट कर उनकी चिंताओं को सुना तथा उन्हें आश्वस्त किया कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। आयोग ने डीएसपी अंब एवं संबंधित जांच अधिकारी से भी मामले की प्रगति पर चर्चा की। बैठक में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की सिफारिश की गई, जो 10 दिनों के भीतर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
दूसरा मामला एक शिकायत से संबंधित था, जिसमें बाहरी राज्य के एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार एवं धमकी दिए जाने की बात सामने आई है। आयोग ने संबंधित अधिकारी को मामले की निष्पक्ष एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा एवं अधिवक्ता शालिनी उपस्थित रहे। बैठक में एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, डीएसपी अंब अनिल पटियाल, एआरओ नरेंद्र शर्मा तथा जिला बाल संरक्षण इकाई से विधिक परिवीक्षा अधिकारी अरूण कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।





