प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा आपदा के दौरान निजी हेलीकॉप्टर किराये पर लेने का मामला
अक्स न्यूज लाइन शिमला 20 जनवरी :
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तकनीकी शिक्षा एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी भी उपस्थित थे। इस दौरान आपदा व पुनर्वास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में अवगत करवाया गया कि पंचायतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 250 इमारतों की पहचान की गई है जिनका रेट्रोफिटिंग का कार्य किया जाएगा। चंबा में 60 स्कूलों में रेट्रोफिटिंग करवाई जा रही है।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश की जीवनरेखा कहे जाने वाले बड़े संस्थान जैसे आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज, दस क्षेत्रीय अस्पताल और तीन जोनल अस्पतालों की मैपिंग की जानी चाहिए।
बैठक में अवगत करवाया गया कि सचिव पशुपालन रितेश चौहान की अध्यक्षता में 18 दिसंबर 2025 को राज्य स्तरीय बीमा समिति अधिसूचित की गई है। यह समिति व्यक्तिगत और सार्वजनिक संपत्ति के लिए बीमा विकल्पों की तलाश करेगी। राज्य स्तरीय बीमा समिति की पहली बैठक 12 जनवरी को आयोजित हुई है।
राज्य स्तरीय बीमा समिति का मुख्य उद्देश्य आपदा के दौरान वित्तीय बैकअप उपलब्ध करवाना और व्यय को कम करना है। प्रदेश के लोगों को बीमा के बेहतर विकल्प प्रदान करने के साथ-साथ नुकसान की स्थिति में अधिक से अधिक वित्तीय सहायता के लिए सार्थक प्रयास करना है।
यह भी अवगत करवाया गया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विभिन्न हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर मल्टी हजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने जा रहा है। आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 और 1077 का व्यापक प्रचार करने का निर्णय लिया गया। आपदा हेल्पलाइन को 112 के साथ एकीकृत भी कर दिया गया है।
राज्य में आपदा के दौरान निजी हेलीकॉप्टर किराये पर लेने के बारे में भी विचार-विमर्श किया गया। इस विषय को मुख्यमंत्री और प्रदेश मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत करने पर चर्चा की गई। एसडीआरएफ में रिक्त पदों को पुलिस बल से भरने पर भी सहमति बनी।
विशेष सचिव आपदा डीसी राणा, विशेष सचिव सामान्य प्रशासन हरबंस सिंह ब्रसकोन, पुलिस अधीक्षक एसडीआरएफ अर्जित सेन ठाकुर, निदेशक नगर नियोजन हेमिस नेगी, वरिष्ठ निजी सचिव तुलसी राम शर्मा, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लोक निर्माण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और अन्य विभागों के अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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