तीर्थन घाटी के तिंदर स्कुल में शैक्षणिक उत्कृष्टता और प्रतिभाओं का सम्मान।
तीर्थन घाटी गुशेनी बंजार(परस राम भारती):-
शिक्षा के क्षेत्र में औपचारिक शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव रखते हैं। बच्चे माँ के बाद विद्यालय से ही अनुशासन, परिश्रम, लगन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करते हैं। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए जिला कुल्लू उपमंडल बंजार की तीर्थन घाटी के राजकीय उच्च पाठशाला तिंदर में सत्र 2025–26 का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह भव्य और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों के साथ-साथ विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई। समारोह में वर्ष भर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच शिक्षा का केंद्र
विश्व धरोहर ग्रेट हिमालय नेशनल पार्क की तीर्थन घाटी में स्थित यह विद्यालय प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण वातावरण में संचालित हो रहा है। वर्ष 1997 में माध्यमिक पाठशाला के रूप में स्थापित यह संस्थान वर्ष 2022 में राजकीय उच्च पाठशाला के रूप में उन्नत हुआ। अल्प समय में ही विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति।
समारोह के मुख्य अतिथि तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एवं पर्यटन कारोबारी अमन नेगी रहे। जबकि अतिथि जीएसएसएस गुशेनी एसएमसी की अध्यक्ष शिवा गौतम बतौर वशिष्ठ अतिथि एवं ग्राम पंचायत शिल्ली के उप प्रधान एवं युवा नेता मोहर सिंह ठाकुर बतौर विशेष अतिथि इस कार्यक्रम में शामिल रहे। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमन नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालय सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं, जो शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लगन का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नशे से दूर रहने, प्रकृति संरक्षण, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपनाने का आह्वान किया।
छात्र संख्या व शानदार परीक्षा परिणाम।
विद्यालय में वर्तमान में 81 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 38 छात्र और 43 छात्राएं शामिल हैं। सत्र 2024–25 में दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम लगभग 95 प्रतिशत रहा, जो विद्यालय की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। इस अवसर पर विशेष रूप से उन छात्राओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने हिमाचल प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। जिसमें प्रिया ठाकुर 118वां स्थान, कृतिका ठाकुर 131वां स्थान, अंजली 151वां स्थान और सीमा देवी को 172वां स्थान मिला है।
शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सम्मान।
इस दौरान विभिन्न कक्षाओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसमें छठी कक्षा से विजयलक्ष्मी, जीवन कुमार, हिमांशु ठाकुर, सातवीं कक्षा से सुनैना देवी, मोनिका, तन्वी ठाकुर, आठवीं कक्षा से मंदीप कुमार, ललित कुमार, जोनी ठाकुर, नौवीं कक्षा से कृतिका ठाकुर, प्रिया ठाकुर, सीमा देवी, दसवीं कक्षा से सपना देवी, स्नेहा ठाकुर और अबिनीत ठाकुर को सम्मानित किया गया है।
सांस्कृतिक व खेल गतिविधियों में भी शानदार प्रदर्शन।
बाल दिवस के अवसर पर आयोजित भाषण, प्रश्नोत्तरी, बोरी दौड़, घड़ा फोड़ सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राथमिक स्तर पर भाषण प्रतियोगिता में विजयलक्ष्मी प्रथम, योगिता ठाकुर द्वितीय, जीवन लाल तृतीय स्थान जबकि प्रश्नोत्तरी में विजयलक्ष्मी व अंजलि प्रथम, रचना व डिंपल द्वितीय, जीवन लाल व वरुण डोगरा तृतीय स्थान पर रहे। उच्च स्तर भाषण प्रतियोगिता में मंदीप प्रथम, बीनू देवी द्वितीय और अंजना तृतीय स्थान पर रही।
खेल प्रतियोगिताओं में चन्द्रेश्वर, पियूष, अंकित ठाकुर, काजल, डिंपल ठाकुर, गुंजन ठाकुर सहित अनेक विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रोहिणी व नताशा, राजीव व मंदीप, तथा ललित व जोनी ठाकुर को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त पूरे वर्ष सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज करने वाले विद्यार्थियों में रचना ठाकुर, प्रिया ठाकुर और ऋतिक ठाकुर को भी विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
सामूहिक प्रयासों का परिणाम
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह सफलता शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, विद्यालय प्रबंधन समिति, अभिभावकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालय भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ता रहेगा।




