मुख्यमंत्री बल्क ड्रग पार्क के 250 करोड़ के साइट विकास कार्यों का करेंगे शिलान्यास, वर्किंग महिला होस्टल की भी रखेंगे आधारशिला
अक्स न्यूज लाइन ऊना 10 अप्रैल :
बता दें, मुख्यमंत्री इसके उपरांत 11 अप्रैल से आरंभ हो रहे चार दिवसीय राज्य स्तरीय हरोली उत्सव 2026 का विधिवत रूप से शुभारंभ करेंगै।
गौरतलब है कि 2000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहा यह 1405 एकड़ में विस्तारित औद्योगिक परिसर एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स के निर्माण में भारत को वैश्विक मंच पर सशक्त करेगा। अब तक दवाइयों के कच्चे माल के लिए भारत को अन्य देशों, विशेषतः चीन पर निर्भर रहना पड़ता था। ऐसे में यह परियोजना भारत की फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का बुनियादी आधार बनेगी।
वर्तमान में पूरे देश में केवल तीन बल्क ड्रग पार्क परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। जिनमें से एक हिमाचल के हरोली में आकार ले रही है। यह प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय है। इस परियोजना से लगभग 15,000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है।
नीतिगत दृढ़ता और जनसरोकार की प्रतिबद्धता
इस परियोजना की मूल अवधारणा केंद्र सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ प्रस्तावित थी, परंतु वर्तमान प्रदेश सरकार ने इसे जनहित प्रथम की भावना से स्वयं संचालित करने का साहसिक निर्णय लिया। राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस परियोजना में 1000-1000 करोड़ रुपये का समान निवेश कर साझेदार के रूप में कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सशक्त नेतृत्व में यह परियोजना तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। इस परियोजना से जुड़ी 66 करोड़ की जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसके साथ ही 3400 करोड़ की लागत से 5 किमी लंबी रेलवे लाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है जो इस पार्क को देश के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़कर निवेश और आपूर्ति श्रृखंला को सुदृढ़ बनाएगी। वहीं, 500 करोड़ से संतोषगढ़-जैजों सड़क के स्तरोन्यन की कार्य योजना पर भी कार्य किया जा रहा है, जो बल्क ड्रग पार्क योजना के लिए बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का आधार बनेगी।
योजना क्रियान्वयन के प्रत्येक चरण में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, तथा केंद्र एवं राज्य सरकारों के समस्त दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया गया है। जल सरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, वनरोपण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए समर्पित योजनाएं बनाई गई हैं।








